भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 2/54 / 570
52क“संश्रय”
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
धारा 157 में के सिवाय और धारा 130 में वहां के सिवाय जहां कि संश्रय संश्रित व्यक्ति की पत्नी या पति द्वारा दिया गया हो, “संश्रय” शब्द के अन्तर्गत किसी व्यक्ति को आश्रय, भोजन, पेय, धन, वस्त्र, आयुध, गोलाबारूद या प्रवहण के साधन देना, या किन्हीं साधनों से चाहे वे उसी प्रकार के हों या नहीं, जिस प्रकार के इस धारा में परिगणित हैं किसी व्यक्ति की सहायता पकड़े जाने से बचने के लिए करना, आता है ।]
संशोधन टिप्पणियां
- 1942 के अधिनियम सं० 8 की धारा 2 द्वारा अंतःस्थापित ।
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