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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 2/35 / 570

34सामान्य आशय को अग्रसर करने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 6स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

जबकि कोई आपराधिक कार्य कई व्यक्तियों द्वारा अपने सबके सामान्य आशय को अग्रसर करने में किया जाता है, तब ऐसे व्यक्तियों में से हर व्यक्ति उस कार्य के लिए उसी प्रकार दायित्व के अधीन है, मानो वह कार्य अकेले उसी ने किया हो ।]

संशोधन टिप्पणियां

  1. 1870 के अधिनियम सं० 27 की धारा 1 द्वारा मूल धारा के स्थान पर प्रतिस्थापित ।

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