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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 12/292 / 570

263कबनावटी स्टाम्पों का प्रतिषेघ

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 50स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

(1) जो कोई किसी बनावटी स्टाम्प को—

(क) बनाएगा, जानते हुए चलाएगा, उसका व्यौहार करेगा या उसका विक्रय करेगा या उसे डाक संबंधी किसी प्रयोजन के लिए जानते हुए उपयोग में लाएगा, अथवा

(ख) किसी विधिपूर्ण प्रतिहेतु के बिना अपने कब्जे में रखेगा, अथवा

(ग) बनाने की किसी डाइ, पट्टी, उपकरण या सामग्रियों को बनाएगा, या किसी विधिपूर्ण प्रतिहेतु के बिना अपने कब्जे में रखेगा,

वह जुर्माने से, जो दो सौ रुपए तक हो सकेगा, दंडित किया जाएगा ।

(2) कोई ऐसा स्टाम्प, कोई बनावटी स्टाम्प बनाने की डाई, पट्टी, उपकरण या सामग्रियां, जो किसी व्यक्ति के कब्जे में हो, [अभिगृहीत की जा सकेगी और अभिगृहीत की जाएं] तो समपहृत कर ली जाएगी ।

(3) इस धारा में “बनावटी स्टाम्प” से ऐसा कोई स्टाम्प अभिप्रेत है, जिससे यह मिथ्या रूप से तात्पर्यित हो कि सरकार ने डाक महसूल की दर के द्योतन के प्रयोजन से उसे प्रचालित किया है या जो सरकार द्वारा उस प्रयोजन से प्रचालित किसी स्टाम्प की, कागज पर या अन्यथा, अनुलिपि, अनुकृति या समरूपण हो ।

(4) इस धारा में और धारा 255 से लेकर धारा 263 तक में भी, जिनमें ये दोनों धाराएं भी समाविष्ट हैं, “सरकार” शब्द के अंतर्गत, जब भी वह डाक महसूल की दर के द्योतन के प्रयोजन से प्रचालित किए गए किसी स्टाम्प के ससंग या निर्देशन में उपयोग किया गया है, धारा 17 में किसी बात के होते हुए भी, वह या वे व्यक्ति समझे जाएंगे जो भारत के किसी भाग में और हर मजेस्टी की डोमीनियनों के किसी भाग में, या किसी विदेश में भी, कार्यपालिका सरकार का प्रशासन चलाने के लिए विधि द्वारा प्राधिकृत हो ।]

संशोधन टिप्पणियां

  1. 1895 के अधिनियम सं० 3 की धारा 2 द्वारा जोड़ा गया ।
  2. 1953 के अधिनियम सं० 42 की धारा 4 और अनुसूची 3 द्वारा “अभिगृह्ीत की जा सकेगी और” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।

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