भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 12/266 / 570
238भारतीय सिक्के की कूटकृतियों का आयात या निर्यात
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
जो कोई किसी कूटकृत सिक्के को, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह [भारतीय सिक्के] की कूटकृति है, [भारत] में आयात करेगा या [भारत] से निर्यात करेगा, वह [आजीवन कारावास] से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
संशोधन टिप्पणियां
- विधि अनुकूलन आदेश, 1950 द्वारा “क्वीन का सिक्का” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
- “ब्रिटिश भारत” शब्द अनुक्रमशः भारतीय स्वतंत्रता (केन्द्रीय अधिनियम तथा अध्यादेश अनुकूलन) आदेश, 1948, विधि अनुकूलन आदेश, 1950 और 1951 के अधिनियम सं० 3 की धारा 3 और अनुसूची द्वारा प्रतिस्थापित किए गए हैं ।
- 1955 के अधिनियम सं० 26 की धारा 117 और अनुसूची द्वारा “आजीवन निर्वासन” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
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