नई–पुरानी धाराmanzill.com
भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 12/272 / 570

244टकसाल में नियोजित व्यक्ति द्वारा सिक्के का उस वजन या मिश्रण से भिन्न कारित किया जाना जो विधि द्वारा नियत है

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 48स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

जो कोई [भारत] में विधिपूर्वक स्थापित किसी टकसाल में से नियोजित होते हुए इस आशय से कोई कार्य करेगा, या उस कार्य का लोप करेगा, जिसे करने के लिए वह वैध रूप से आबद्ध हो कि उस टकसाल से प्रचालित कोई सिक्का विधि द्वारा नियत वजन या मिश्रण से भिन्न वजन या मिश्रण का कारित हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. “ब्रिटिश भारत” शब्द अनुक्रमशः भारतीय स्वतंत्रता (केन्द्रीय अधिनियम तथा अध्यादेश अनुकूलन) आदेश, 1948, विधि अनुकूलन आदेश, 1950 और 1951 के अधिनियम सं० 3 को धारा 3 और अनुसूची द्वारा प्रतिस्थापित किए गए हैं ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।