भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 27/371 / 531
371मजिस्ट्रेट या न्यायालय के समक्ष अभियुक्त के उपस्थित होने पर प्रक्रिया
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 318स्रोत
(1) यदि, जब अभियुक्त, यथास्थिति, मजिस्ट्रेट या न्यायालय के समक्ष उपस्थित होता है या पुनः लाया जाता है, तब मजिस्ट्रेट या न्यायालय का यह विचार है कि वह अपनी प्रतिरक्षा करने में समर्थ है तो, जांच या विचारण आगे चलेगा ।
(2) यदि मजिस्ट्रेट या न्यायालय का यह विचार है कि अभियुक्त अभी अपनी प्रतिरक्षा करने में असमर्थ है तो मजिस्ट्रेट या न्यायालय, यथास्थिति, धारा 367 या धारा 368 के उपबंधों के अनुसार कार्य करेगा और यदि अभियुक्त विकृतचित्त पाया जाता है और परिणामस्वरूप अपनी प्रतिरक्षा करने में असमर्थ पाया जाता है तो ऐसे अभियुक्त के बारे में वह धारा 369 के उपबंधों के अनुसार कार्यवाही करेगा ।
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