भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 27/377 / 531
377जहां निरुद्ध विकृतचित्त व्यक्ति छोड़े जाने के योग्य घोषित कर दिया जाता है, वहां प्रक्रिया
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 319स्रोत
(1) यदि कोई व्यक्ति धारा 369 की उपधारा (2) या धारा 374 के उपबंधों के अधीन निरुद्ध है और ऐसा महानिरीक्षक या ऐसे परिदर्शक प्रमाणित करते हैं कि उसके या उनके विचार में वह अपने को या किसी अन्य व्यक्ति को क्षति पहुंचाने ने के खतरे के बिना छोड़ा जा सकेगा, तो राज्य सरकार तब उसके छोड़े जाने का या अभिरक्षा में निरुद्ध रखे जाने का या, यदि वह पहले ही लोक मानसिक स्वास्थ्य स्थापन नहीं भेज दिया गया है तो ऐसे स्थापन को अन्तरित किए जाने का आदेश दे सकेगी और यदि वह उसे लोक मानसिक स्वास्थ्य स्थापन को अन्तरित करने का आदेश देती है तो वह एक न्यायिक और दो चिकित्सा अधिकारियों का एक आयोग नियुक्त कर सकेगी ।
(2) ऐसा आयोग ऐसा साक्ष्य लेकर, जो आवश्यक हो, ऐसे व्यक्ति के चित्त की दशा की औपचारिक जांच करेगा और राज्य सरकार को रिपोर्ट देगा, जो उसके छोड़े जाने या निरुद्ध रखे जाने का जैसा वह ठीक समझे, आदेश दे सकेगी ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।