भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 27/376 / 531
376जहां यह रिपोर्ट की जाती है कि विकृतचित्त बंदी अपनी प्रतिरक्षा करने में समर्थ है, वहां प्रक्रिया
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 319स्रोत
यदि कोई व्यक्ति धारा 369 की उपधारा (2) के उपबंधों के अधीन निरुद्ध किया जाता है और, जेल में निरुद्ध व्यक्ति की दशा में कारागारों का महानिरीक्षक या लोक मानसिक स्वास्थ्य स्थापन में निरुद्ध व्यक्ति की दशा में, मानसिक स्वास्थ्य देख-रेख अधिनियम, 2017 के अधीन गठित मानसिक स्वास्थ्य पुनर्विल्लोकन बोर्ड, प्रमाणित करें कि उसकी या उनकी राय में वह व्यक्ति अपनी प्रतिरक्षा करने में समर्थ है तो वह, यथास्थिति, मजिस्ट्रेट या न्यायालय के समक्ष उस समय, जिसे वह मजिस्ट्रेट या न्यायालय नियत करे, लाया जाएगा और वह मजिस्ट्रेट या न्यायालय उस व्यक्ति के बारे में धारा 371 के उपबंधों के अधीन कार्यवाही करेगा, और यथा पूर्वोक्त महानिरीक्षक या परिदर्शकों का प्रमाणपत्र साक्ष्य के तौर पर ग्रहण किया जा सकेगा ।
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