भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 7/126 / 185
111ककुछ अपराधों के बारे में उपधारणा
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
(1) जहां कोई व्यक्ति उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट ऐसे किसी अपराध के—
(क) ऐसे किसी क्षेत्र में, जिसे उपद्रव को दबाने के लिए और लोक व्यवस्था की बहाली और उसे बनाए रखने के लिए उपबंध करने वाली तत्समय प्रवृत्त किसी अधिनियमिति के अधीन विक्षुब्ध क्षेत्र घोषित किया गया है; या
(ख) ऐसे किसी क्षेत्र में, जिसमें एक मास से अधिक की अवधि के लिए लोक शांति में व्यापक विघ्न रहा है, किए जाने का अभियुक्त है और यह दर्शित किया जाता है कि ऐसा व्यक्ति ऐसे क्षेत्र में किसी स्थान पर ऐसे समय पर था जब ऐसे किसी सशस्त्र बल या बलों के, जिन्हें लोक व्यवस्था बनाए रखने का भार सौंपा गया है, ऐसे सदस्यों पर जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, आक्रमण करने के लिए या उनका प्रतिरोध करने के लिए उस स्थान पर या उस स्थान से अग्न्यायुधों या विस्फोटक का प्रयोग किया गया था, वहां जब तक तत्प्रतिकूल दर्शित नहीं किया जाता यह उपधारणा की जाएगी कि ऐसे व्यक्ति ने ऐसा अपराध किया है ।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट अपराध निम्नलिखित हैं, अर्थात् :—
(क) भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 121, धारा 121क, धारा 122 या धारा 123 के अधीन कोई अपराध;
(ख) आपराधिक षड्यंत्र या भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 122 या धारा 123 के अधीन कोई अपराध करने का प्रयत्न या उसका दुष्प्रेरण ।]
संशोधन टिप्पणियां
- 1984 के अधिनियम सं० 61 की धारा 20 द्वारा (14-7-1984 से) अंतःस्थापित ।
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