भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 18/522 / 570
470कूटरचित [दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख]
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 90स्रोत
यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
वह मिथ्या [दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] जो पूर्णतः या भागतः कूटरचना द्वारा रची गई है, “कूटरचित [दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख]” कहलाती है।
संशोधन टिप्पणियां
- 2009 के अधिनियम सं० 10 की धारा 51 द्वारा प्रतिस्थापित ।
- 2000 के अधिनियम सं० 21 की धारा 91 और पहली अनुसूची द्वारा “दस्तावेज” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
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