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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 18/536 / 570

483अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति-चिह्न का कूटकरण

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 92स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

जो कोई किसी *** सम्पत्ति-चिह्न का, जो किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाया जाता हो, कूटकरण करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. 1958 के अधिनियम सं० 43 की धारा 135 और अनुसूची द्वारा “व्यापार चिह्न या” शब्दों का लोप किया गया ।

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