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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 18/523 / 570

471कूटरचित [दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] का असली के रूप में उपयोग में लाना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 90स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

जो कोई किसी ऐसी [दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] को, जिसके बारे में वह यह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह कूटरचित [दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] है, कपटपूर्वक या बेईमानी से असली के रूप में उपयोग में लाएगा, वह उसी प्रकार दण्डित किया जाएगा, मानो उसने ऐसी [दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] की कूटरचना की हो ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. 2009 के अधिनियम सं० 10 की धारा 51 द्वारा प्रतिस्थापित ।

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