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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 3/58 / 570

55आजीवन कारावास के दण्डादेश का लघुकरण

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 9स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

हर मामले में, जिसमें आजीवन [कारावास] का दण्डादेश दिया गया हो, अपराधी की सम्मति के बिना भी [समुचित सरकार] उस दण्ड को ऐसी अवधि के लिए, जो चौदह वर्ष से अधिक न हो, दोनों में से किसी भांति के कारावास में लघुकृत कर सकेगी ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. 1955 के अधिनियम सं० 26 की धारा 117 और अनुसूची द्वारा “निर्वासन” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  2. विधि अनुकूलन आदेश, 1950 द्वारा “उस प्रान्त की प्रान्तीय सरकार जिसके भीतर अपराधी को दण्ड दिया जाएगा” के स्थान पर प्रतिस्थापित । मोटे शब्द भारत शासन (भारतीय विधि अनुकूलन) आदेश 1937 द्वारा “भारत सरकार या उस स्थान की सरकार” के स्थान पर प्रतिस्थापित किए गए थे ।

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