भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 3/73 / 570
69जुर्माने के आनुपातिक भाग के दे दिए जाने की दशा में कारावास का पर्यवसान
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
यदि जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने की दशा के लिए नियत की गई कारावास की अवधि का अवसान होने से पूर्व जुर्माने का ऐसा अनुपात चुका दिया या उद्गृहीत कर लिया जाए कि देने में व्यतिक्रम होने पर कारावास की जो अवधि भोगी जा चुकी हो, वह जुर्माने के तब तक न चुकाए गए भाग के आनुपातिक से कम न हो तो कारावास पर्यवसित हो जाएगा ।
दृष्टांत
क एक सौ रुपए के जुर्माने और उसके देने में व्यतिक्रम होने की दशा के लिए चार मास के कारावास से दण्डादिष्ट किया गया है । यहां, यदि कारावास के एक मास के अवसान से पूर्व जुर्माने के पचत्तहर रुपए चुका दिए जाएं या उद्गृहीत कर लिए जाएं तो प्रथम मास का अवसान होते ही क उन्मुक्त कर दिया जाएगा । यदि पचत्तहर रुपए प्रथम मास के अवसान पर या किसी भी पश्चात्वर्ती समय पर, जब कि क कारावास में है, चुका दिए या उद्गृहीत कर लिए जाएं, तो क तुरन्त उन्मुक्त कर दिया जाएगा । यदि कारावास के दो मास के अवसान से पूर्व जुर्माने के पचास रुपए चुका दिए जाएं या उद्गृहीत कर लिए जाएं, तो क दो मास के पूरे होते ही उन्मुक्त कर दिया जाएगा । यदि पचास रुपए उन दो मास के अवसान पर या किसी भी पश्चात्वर्ती समय पर, जब कि क कारावास में है, चुका दिए जाएं या उद्गृहीत कर लिए जाएं, तो क तुरन्त उन्मुक्त कर दिया जाएगा ।
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