भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 34/455 / 531
455उच्चतम न्यायालय को अपील की दशा में मृत्यु दंडादेश के निष्पादन का विलंबित किया जाना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 349स्रोत
(1) जहां किसी व्यक्ति को उच्च न्यायालय द्वारा मृत्यु दंडादेश दिया गया है और उसके निर्णय के विरुद्ध कोई अपील संविधान के अनुच्छेद 134 के खंड (1) के उपखंड (क) या उपखंड (ख) के अधीन उच्चतम न्यायालय को होती है, वहां उच्च न्यायालय दंडादेश का निष्पादन तब तक के लिए स्थगित किए जाने का आदेश देगा, जब तक ऐसी अपील करने के लिए अनुज्ञात अवधि समाप्त नहीं हो जाती है या यदि उस अवधि के भीतर कोई अपील की गई है, तो जब तक उस अपील का निपटारा नहीं हो जाता है ।
(2) जहां उच्च न्यायालय द्वारा मृत्यु दंडादेश दिया गया है या उसकी पुष्टि की गई है, और दंडादिष्ट व्यक्ति, संविधान के अनुच्छेद 132 के अधीन या अनुच्छेद 134 के खंड (1) के उपखंड (ग) के अधीन प्रमाणपत्र दिए जाने के लिए उच्च न्यायालय से आवेदन करता है, तो उच्च न्यायालय, दंडादेश का निष्पादन तब तक के लिए स्थगित किए जाने का आदेश देगा, जब तक उस आवेदन का उच्च न्यायालय द्वारा निपटारा नहीं हो जाता है या यदि ऐसे आवेदन पर कोई प्रमाणपत्र दिया गया है, तो जब तक उस प्रमाणपत्र पर उच्चतम न्यायालय को अपील करने के लिए अनुज्ञात अवधि समाप्त नहीं हो जाती है ।
(3) जहां उच्च न्यायालय द्वारा मृत्यु दंडादेश दिया गया है या उसकी पुष्टि की गई है और उच्च न्यायालय का यह समाधान हो जाता है कि दंडादिष्ट व्यक्ति संविधान के अनुच्छेद 136 के अधीन अपील के लिए विशेष इजाजत दिए जाने के लिए उच्चतम न्यायालय में याचिका प्रस्तुत करना चाहता है, वहां उच्च न्यायालय दंडादेश का निष्पादन इतनी अवधि तक के लिए, जितनी वह ऐसी याचिका प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समझे, विलंबित किए जाने का आदेश देगा ।
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