भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 34/458 / 531
458कारावास के दंडादेश का निष्पादन
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 350स्रोत
(1) जहां धारा 453 द्वारा उपबंधित उन मामलों से भिन्न मामलों में अभियुक्त आजीवन कारावास या किसी अवधि के कारावास के लिए दंडादिष्ट किया गया है, वहां दंडादेश देने वाला न्यायालय उस कारागार या अन्य स्थान को, जिसमें वह परिरुद्ध है या उसे परिरुद्ध किया जाना है तत्काल वारंट भेजेगा और यदि अभियुक्त पहले से ही उस कारागार या अन्य स्थान में परिरुद्ध नहीं है तो वारंट के साथ उसे ऐसी कारागार या अन्य स्थान को भिजवाएगा :
परन्तु जहां अभियुक्त को न्यायालय के उठने तक के लिए कारावास का दंडादेश दिया गया है, वहां वारंट तैयार करना या वारंट कारागार को भेजना आवश्यक नहीं होगा और अभियुक्त को ऐसे स्थान में, जो न्यायालय निदेशित करे, परिरुद्ध किया जा सकेगा ।
(2) जहां अभियुक्त न्यायालय में उस समय उपस्थित नहीं है, जब उसे ऐसे कारावास का दंडादेश दिया गया है, जैसा उपधारा (1) में उल्लिखित है, वहां न्यायालय उसे कारागार या ऐसे अन्य स्थान में, जहां उसे परिरुद्ध किया जाना है, भेजने के प्रयोजन से उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करेगा ; और ऐसे मामले में दंडादेश उसकी गिरफ्तारी की तारीख से प्रारंभ होगा ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।