भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 34/457 / 531
457कारावास का स्थान नियत करने की शक्ति
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 349–350स्रोत
(1) तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा जैसा अन्यथा उपबंधित है उसके सिवाय, राज्य सरकार यह निदेश दे सकेगी कि किसी व्यक्ति को, जो इस संहिता के अधीन कारावासित किए जाने या अभिरक्षा के लिए सुपुर्द किए जाने के लिए दायी है, किस स्थान में परिरुद्ध किया जाएगा ।
(2) यदि कोई व्यक्ति, जो इस संहिता के अधीन कारावासित किए जाने या अभिरक्षा के लिए सुपुर्द किए जाने के लिए दायी है, सिविल कारागार में परिरुद्ध है तो कारागार या सुपुर्दगी के लिए आदेश देने वाला न्यायालय या मजिस्ट्रेट उस व्यक्ति को दांडिक कारागार में भेजे जाने का निदेश दे सकेगा ।
(3) जब कोई व्यक्ति उपधारा (2) के अधीन दांडिक कारागार में भेजा जाता है तब, वहां से छोड़ दिए जाने पर उसे सिविल कारागार को लौटाया जाएगा, जब तक कि उसे या तो—
(क) दांडिक कारागार में उसके भेजे जाने से तीन वर्ष बीत गए हैं, उस दशा में वह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 58 के अधीन सिविल कारागार से छोड़ा गया समझा जाएगा ; या
(ख) सिविल कारागार में उसके कारावास का आदेश देने वाले न्यायालय द्वारा दांडिक कारागार के भारसाधक अधिकारी को यह प्रमाणित करके भेज दिया गया है कि वह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 58 के अधीन छोड़े जाने का हकदार है ।
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