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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 25/310 / 531

310वारंट-मामलों में अभिलेख

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 287स्रोत

(1) मजिस्ट्रेट के समक्ष विचारित सब वारंट-मामलों में प्रत्येक साक्षी का साक्ष्य जैसे-जैसे उसकी परीक्षा होती जाती है, वैसे-वैसे या तो स्वयं मजिस्ट्रेट द्वारा लिखा जाएगा, या खुले न्यायालय में उसके द्वारा बोलकर लिखवाया जाएगा, या जहां वह किसी शारीरिक या अन्य असमर्थता के कारण ऐसा करने में असमर्थ है, वहां उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त न्यायालय के किसी अधिकारी द्वारा उसके निदेशन और अधीक्षण में लिखा जाएगा :

परंतु इस उपधारा के अधीन साक्षी का साक्ष्य उस अपराध के अभियुक्त व्यक्ति के अधिवक्ता की उपस्थिति में श्रव्य-दृश्य इलैक्ट्रानिक साधनों द्वारा भी अभिलिखित किया जा सकेगा ।

(2) जहां मजिस्ट्रेट साक्ष्य लिखवाए वहां वह यह प्रमाणपत्र अभिलिखित करेगा कि साक्ष्य उपधारा (1) में निर्दिष्ट कारणों से स्वयं उसके द्वारा नहीं लिखा जा सका ।

(3) ऐसा साक्ष्य मामूली तौर पर वृत्तांत के रूप में अभिलिखित किया जाएगा किन्तु मजिस्ट्रेट स्वविवेकानुसार, ऐसे साक्ष्य के किसी भाग को प्रश्नोत्तर के रूप में लिख या लिखवा सकेगा ।

(4) ऐसे लिखे गए साक्ष्य पर मजिस्ट्रेट हस्ताक्षर करेगा और वह अभिलेख का भाग होगा ।

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