भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 25/314 / 531
314अभियुक्त या उसके अधिवक्ता को साक्ष्य का भाषान्तर सुनाया जाना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 289स्रोत
(1) जब कभी कोई साक्ष्य ऐसी भाषा में दिया जाए, जिसे अभियुक्त नहीं समझता है और वह न्यायालय में स्वयं उपस्थित है, तब खुले न्यायालय में उसे उस भाषा में उसका भाषान्तर सुनाया जाएगा, जिसे वह समझता है ।
(2) यदि वह अधिवक्ता द्वारा उपस्थित हो और साक्ष्य न्यायालय की भाषा से भिन्न और अधिवक्ता द्वारा न समझी जाने वाली भाषा में दिया जाता है तो उसका भाषान्तर ऐसे अधिवक्ता को न्यायालय की भाषा में सुनाया जाएगा ।
(3) जब दस्तावेज, यथारीति सबूत के प्रयोजन के लिए प्रस्तुत किए जाते हैं, तब यह न्यायालय के स्वविवेक पर निर्भर करेगा कि वह उनमें से उतने का भाषान्तर सुनाए जितना आवश्यक प्रतीत हो ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।