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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 25/316 / 531

316अभियुक्त की परीक्षा का अभिलेख

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 289स्रोत

(1) जब कभी अभियुक्त की परीक्षा किसी मजिस्ट्रेट या सेशन न्यायालय द्वारा की जाती है तब उससे पूछे गए प्रत्येक प्रश्न और उसके द्वारा दिए गए प्रत्येक उत्तर सहित ऐसी सब परीक्षा स्वयं पीठासीन न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट द्वारा या जहां वह किसी शारीरिक या अन्य असमर्थता के कारण ऐसा करने में असमर्थ है, वहां उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त न्यायालय के किसी अधिकारी द्वारा उसके निदेशन और अधीक्षण में पूरे तौर पर अभिलिखित की जाएंगी ।

(2) अभिलेख, यदि साध्य हो तो, उस भाषा में होगा जिसमें अभियुक्त की परीक्षा की जाती है या यदि यह साध्य न हो तो न्यायालय की भाषा में होगा ।

(3) अभिलेख अभियुक्त को दिखा दिया जाएगा या उसे पढ़ कर सुना दिया जाएगा, या यदि वह उस भाषा को नहीं समझता है जिसमें वह लिखा गया है तो उसका भाषान्तर उसे उस भाषा में, जिसे वह समझता है, सुनाया जाएगा और वह अपने उत्तरों का

स्पष्टीकरण करने या उनमें कोई बात जोड़ने के लिए स्वतंत्र होगा ।

(4) तब उस पर अभियुक्त और मजिस्ट्रेट या पीठासीन न्यायाधीश हस्ताक्षर करेंगे और मजिस्ट्रेट या पीठासीन न्यायाधीश अपने हस्ताक्षर से प्रमाणित करेगा कि परीक्षा उसकी उपस्थिति में की गई थी और उसने उसे सुना था और अभिलेख में अभियुक्त द्वारा किए गए कथन का पूर्ण और सही वर्णन है :

परन्तु कि जहां अभियुक्त अभिरक्षा में है तथा इलैक्ट्रानिक माध्यम से उसका परीक्षण किया जाता है, तो ऐसे परीक्षण से बहत्तर घंटे के भीतर उसके हस्ताक्षर लिए जाएंगे ।

(5) इस धारा की कोई बात संक्षिप्त विचारण के अनुक्रम में अभियुक्त की परीक्षा को लागू होने वाली न समझी जाएगी ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।