नई–पुरानी धाराmanzill.com
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 25/330 / 531

330कुछ दस्तावेजों का औपचारिक सबूत आवश्यक न होना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 293–294स्रोत

(1) जहां अभियोजन या अभियुक्त द्वारा किसी न्यायालय के समक्ष कोई दस्तावेज फाइल किया गया है वहां ऐसे प्रत्येक दस्तावेज की विशिष्टियां एक सूची में सम्मिलित की जाएंगी और अभियोजन या अभियुक्त या अभियोजन या अभियुक्त के अधिवक्ता से, यदि कोई हों, ऐसे दस्तावेजों की पूर्ति करने के शीघ्र पश्चात् किसी भी दशा में ऐसी पूर्ति के पश्चात् तीस दिन के अपश्चात्, ऐसे प्रत्येक दस्तावेज का असली होना स्वीकार या इंकार करने की अपेक्षा की जाएगी:

परंतु न्यायालय अपने विवेक से ऐसे कारणों से जो अभिलिखित किए जाएं, समय सीमा को शिथिल कर सकेगा:

परंतु यह और कि किसी विशेषज्ञ को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के लिए जब तक नहीं बुलाया जाएगा तब तक ऐसे विशेषज्ञ की रिपोर्ट पर विचारण के किसी पक्षकार द्वारा विवाद नहीं किया जाता है ।

(2) दस्तावेजों की सूची ऐसे प्ररूप में होगी जो राज्य सरकार नियमों द्वारा उपबंधित करे ।

(3) जहां किसी दस्तावेज का असली होना विवादग्रस्त नहीं है वहां ऐसा दस्तावेज उस व्यक्ति के जिसके द्वारा उसका हस्ताक्षरित होना तात्पर्यित है, हस्ताक्षर के सबूत के बिना इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य में पढ़ा जा सकेगा :

परन्तु न्यायालय, स्वविवेकानुसार, यह अपेक्षा कर सकता है कि ऐसा हस्ताक्षर साबित किया जाए ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।