भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 11/218 / 570
196उस साक्ष्य को काम में लाना जिसका मिथ्या होना ज्ञात है
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 38स्रोत
यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
जो कोई किसी साक्ष्य को, जिसका मिथ्या होना या गढ़ा होना वह जानता है, सच्चे या असली साक्ष्य के रूप में भ्रष्टतापूर्वक उपयोग में लाएगा, या उपयोग में लाने का प्रयत्न करेगा, वह ऐसे दंडित किया जाएगा मानो उसने मिथ्या साक्ष्य दिया हो या गढ़ा हो ।
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