नई–पुरानी धाराmanzill.com
भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 11/222 / 570

200ऐसी घोषणा का मिथ्या होना जानते हुए सच्ची के रूप में काम में लाना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 39स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

जो कोई किसी ऐसी घोषणा को, यह जानते हुए कि वह किसी तात्त्विक बात के संबंध में मिथ्या है, भ्रष्टतापूर्वक सच्ची के रूप में उपयोग में लाएगा, या उपयोग में लाने का प्रयत्न करेगा, वह उसी प्रकार दंडित किया जाएगा, मानो उसने मिथ्या साक्ष्य दिया हो ।

स्पष्टीकरण—कोई घोषणा, जो केवल किसी अप्ररूपिता के आधार पर अग्राह्म है, धारा 199 और धारा 200 के अर्थ के अंतर्गत घोषणा है।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।