भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 26/341 / 531
341कुछ मामलों में अभियुक्त को राज्य के व्यय पर विधिक सहायता
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 298स्रोत
(1) जहां न्यायालय के समक्ष किसी विचारण या अपील में, अभियुक्त का प्रतिनिधित्व किसी अधिवक्ता द्वारा नहीं किया जाता है और जहां न्यायालय को यह प्रतीत होता है कि अभियुक्त के पास किसी अधिवक्ता को नियुक्त करने के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं, वहां न्यायालय उसकी प्रतिरक्षा के लिए राज्य के व्यय पर अधिवक्ता नियत करेगा ।
(2) राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से उच्च न्यायालय—
(क) उपधारा (1) के अधीन प्रतिरक्षा के लिए अधिवक्ताओं के चयन के ढंग का;
(ख) ऐसे अधिवक्ताओं को न्यायालयों द्वारा अनुज्ञात की जाने वाली सुविधाओं का ;
(ग) ऐसे अधिवक्ताओं को सरकार द्वारा संदेय फीसों का और साधारणतः
उपधारा (1) के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए, उपबंध करने वाले नियम बना सकेगा ।
(3) राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा यह निदेश दे सकेगी कि उस तारीख से, जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की जाए, उपधारा (1) और उपधारा (2) के उपबंध राज्य के अन्य न्यायालयों के समक्ष किसी वर्ग के विचारणों के संबंध में वैसे ही लागू होंगे जैसे वे सेशन न्यायालय के समक्ष विचारणों के संबंध में लागू होते हैं ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।