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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 6/83 / 531

83उस मजिस्ट्रेट द्वारा प्रक्रिया जिसके समक्ष ऐसे गिरफ्तार किया गया व्यक्ति लाया जाए

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 186स्रोत

(1) यदि गिरफ्तार किया गया व्यक्ति वही व्यक्ति प्रतीत होता है जो वारंट जारी करने वाले न्यायालय द्वारा आशयित है तो ऐसा कार्यपालक मजिस्ट्रेट या जिला पुलिस अधीक्षक या पुलिस आयुक्त उस न्यायालय के पास उसे अभिरक्षा में भेजने का निदेश देगा :

परंतु यदि अपराध जमानतीय है और ऐसा व्यक्ति ऐसा जमानतपत्र देने के लिए तैयार और रजामंद है जिससे ऐसे मजिस्ट्रेट, जिला अधीक्षक या आयुक्त का समाधान हो जाए या वारंट पर धारा 73 के अधीन निदेश पृष्ठांकित है और ऐसा व्यक्ति ऐसे निदेश द्वारा अपेक्षित प्रतिभूति देने के लिए तैयार और रजामंद है तो वह मजिस्ट्रेट, जिला अधीक्षक या आयुक्त, यथास्थिति, ऐसा जमानतपत्र या प्रतिभूति लेगा और बंधपत्र उस न्यायालय को भेज देगा जिसने वारंट जारी किया था :

परंतु यह और कि यदि अपराध अजमानतीय है तो (धारा 480 के उपबंधों के अधीन रहते हुए) मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के लिए, या उस जिले के जिसमें गिरफ्तारी की गई है सेशन न्यायाधीश के लिए धारा 80 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट जानकारी और दस्तावेजों पर विचार करने के पश्चात् ऐसे व्यक्ति को छोड़ देना विधिपूर्ण होगा ।

(2) इस धारा की कोई बात पुलिस अधिकारी को धारा 73 के अधीन प्रतिभूति लेने से रोकने वाली न समझी जाएगी ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।