भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 13/196 / 531
196मृत्यु के कारण की मजिस्ट्रेट द्वारा जांच
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 243–244स्रोत
(1) जब मामला धारा 194 की उपधारा (3) के खंड (i) या खंड (ii) में निर्दिष्ट प्रकृति का है, तब मृत्यु के कारण की जांच, पुलिस अधिकारी द्वारा किए जाने वाले अन्वेषण के बजाय या उसके अतिरिक्त, वह निकटतम मजिस्ट्रेट करेगा जो मृत्युसमीक्षा करने के लिए सशक्त है और धारा 194 की उपधारा (1) में वर्णित किसी अन्य दशा में इस प्रकार सशक्त किया गया कोई भी मजिस्ट्रेट कर सकेगा ; और यदि वह ऐसा करता है तो उसे ऐसी जांच करने में वे सब शक्तियां होंगी, जो उसे किसी अपराध की जांच करने में होतीं ।
(2) जहां,—
(क) कोई व्यक्ति मर जाता है या गायब हो जाता है, या
(ख) किसी महिला के साथ बलात्संग किया गया अभिकथित है,
तो उस दशा में जब ऐसा व्यक्ति या महिला पुलिस अभिरक्षा या इस संहिता के अधीन मजिस्ट्रेट या न्यायालय द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अभिरक्षा में है, वहां पुलिस द्वारा की गई जांच या किए गए अन्वेषण के अतिरिक्त, ऐसे मजिस्ट्रेट द्वारा, जिसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के भीतर अपराध किया गया है, जांच की जाएगी ।
(3) ऐसी जांच करने वाला मजिस्ट्रेट उसके संबंध में लिए गए साक्ष्य को इसमें इसके पश्चात् विहित किसी प्रकार से, मामले की परिस्थितियों के अनुसार अभिलिखित करेगा ।
(4) जब कभी ऐसे मजिस्ट्रेट के विचार में यह समीचीन है कि किसी व्यक्ति के, जो पहले ही गाड़ दिया गया है, मृत शरीर की इसलिए परीक्षा की जाए कि उसकी मृत्यु के कारण का पता चले तब मजिस्ट्रेट उस शरीर को निकलवा सकेगा और उसकी परीक्षा करा सकेगा ।
(5) जहां कोई जांच इस धारा के अधीन की जानी है, वहां मजिस्ट्रेट, जहां कहीं साध्य है, मृतक के उन नातेदारों को, जिनके नाम और पते ज्ञात हैं, सूचना देगा और उन्हें जांच के समय उपस्थित रहने को अनुज्ञात करेगा ।
(6) उपधारा (2) के अधीन कोई जांच या अन्वेषण करने वाला मजिस्ट्रेट या कार्यपालक मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी, किसी व्यक्ति की मृत्यु के चौबीस घंटे के भीतर उसकी परीक्षा किए जाने की दृष्टि से शरीर को निकटतम सिविल सर्जन या अन्य अर्हित चिकित्सा व्यक्ति को, जो इस निमित्त राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया गया हो, भेजेगा, जब तक कि लेखबद्ध किए जाने वाले कारणों से ऐसा करना संभव न हो ।
स्पष्टीकरण—इस धारा में “नातेदार” पद से माता-पिता, संतान, भाई, बहन और पति या पत्नी अभिप्रेत हैं ।
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