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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 17/493 / 570

441आपराधिक अतिचार

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 85स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

जो कोई ऐसी संपत्ति में या ऐसी संपत्ति पर, जो किसी दूसरे के कब्जे में है, इस आशय से प्रवेश करता है, कि वह कोई अपराध करे या किसी व्यक्ति को, जिसके कब्जे में ऐसी संपत्ति है ; अभित्रस्त, अपमानित या क्षुब्ध करे, अथवा ऐसी संपत्ति में या ऐसी संपत्ति पर, विधिपूर्वक प्रवेश करके वहां विधिविरुद्ध रूप में इस आशय से बना रहता है कि तद्द्वारा वह किसी ऐसे व्यक्ति को अभित्रस्त, अपमानित या क्षुब्ध करे या इस आशय से बना रहता है कि वह कोई अपराध करे, वह “आपराधिक अतिचार” करता है, यह कहा जाता है ।

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