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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 17/487 / 570

435सौ रुपए का या (कृषि उपज की दशा में) दस रुपए का नुकसान कारित करने के आशय से अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा रिष्टि

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 85स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

जो कोई किसी सम्पत्ति को, एक सौ रुपए या उससे अधिक का [या (जहां कि सम्पत्ति कृषि उपज हो, वहां) दस रुपए या उससे अधिक] का नुकसान कारित करने के आशय से, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह तद्द्वारा ऐसा नुकसान कारित करेगा, अग्नि या किसी विस्फोटक पदार्थ द्वारा रिष्टि करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।

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  1. 1882 के अधिनियम सं० 8 की धारा 10 द्वारा अंतःस्थापित ।

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