भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 17/468 / 570
416प्रतिरूपण द्वारा छल
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
कोई व्यक्ति “प्रतिरूपण द्वारा छल करता है”, यह तब कहा जाता है, जब वह यह अपदेश करके कि वह कोई अन्य व्यक्ति है, या एक व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के रूप में जानते हुए प्रतिस्थापित करके, या यह व्यपदिष्ट करके कि वह या कोई अन्य व्यक्ति, कोई ऐसा व्यक्ति है, जो वस्तुतः उससे या अन्य व्यक्ति से भिन्न है, छल करता है ।
स्पष्टीकरण—यह अपराध हो जाता है चाहे वह व्यक्ति जिसका प्रतिरूपण किया गया है, वास्तविक व्यक्ति हो या काल्पनिक ।
दृष्टांत
(क) क उसी नाम का अमुक धनवान बैंकर है इस अपदेश द्वारा छल करता है । क प्रतिरूपण द्वारा छल करता है ।
(ख) ख, जिसकी मृत्यु हो चुकी है, होने का अपदेश करने द्वारा क छल करता है । क प्रतिरूपण द्वारा छल करता है।
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