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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 16/344 / 570

311दण्ड

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 59स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

नए कानून में यह धारा नहीं रखी गई

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

जो कोई ठग होगा, वह [आजीवन कारावास] से दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।

गर्भपात कारित करने, अजात शिशुओं को क्षति कारित करने, शिशुओं को अरक्षित छोड़ने और जन्म छिपाने के विषय में

संशोधन टिप्पणियां

  1. 1955 के अधिनियम सं० 26 की धारा 117 और अनुसूची द्वारा “आजीवन निर्वासन” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।

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