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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 16/399 / 570

360भारत में से व्यपहरण

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 67स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

जो कोई किसी व्यक्ति का उस व्यक्ति की, या उस व्यक्ति की ओर से सम्मति देने के लिए वैध रूप से प्राधिकृत किसी व्यक्ति की सम्मति के बिना, [भारत] की सीमाओं से परे प्रवहण कर देता है, वह [भारत] में से उस व्यक्ति का व्यपहरण करता है, यह कहा जाता है ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. “ब्रिटिश भारत” शब्दों के स्थान पर अनुक्रमशः भारतीय स्वतंत्रता (केन्द्रीय अधिनियम तथा अध्यादेश अनुकूलन) आदेश, 1948, विधि अनुकूलन आदेश, 1950 और 1951 के अधिनियम सं० 3 की धारा 3 और अनुसूची द्वारा प्रतिस्थापित ।

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