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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 2/13 / 185

13जब कि अधिकार या रूढ़ि प्रश्नगत है, तब सुसंगत तथ्य

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यह धारा बदल दी गई है

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

बीएसए से मिलान जल्द

1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।

जहां कि किसी अधिकार या रूढ़ि के अस्तित्व के बारे में प्रश्न है, वहां निम्नलिखित तथ्य सुसंगत हैं—

(क) कोई संव्यवहार, जिसके द्वारा प्रश्नगत अधिकार या रूढ़ि सृष्ट, दावाकृत, उपांतरित, मान्यकृत, प्राख्यात या प्रत्याख्यात की गई थी या जो उसके अस्तित्व से असंगत था,

(ख) वे विशिष्ट उदाहरण, जिनमें वह अधिकार या रूढ़ि दावाकृत, मान्यकृत या प्रयुक्त की गई थी या जिनमें उसका प्रयोग विवादग्रस्त था प्राख्यात किया गया था या उसका अनुसरण नहीं किया गया था ।

दृष्टांत

प्रश्न यह है कि क्या क का एक मीनक्षेत्र पर अधिकार है ।

क के पूर्वजों को मीनक्षेत्र प्रदान करने वाला विलेख, क के पिता द्वारा उस मीनक्षेत्र का बन्धक, क के पिता द्वारा उस बन्धक से अनमेल पाश्चिक अनुदान, विशिष्ट उदाहरण, जिनमें क के पिता ने अधिकार का प्रयोग किया या जिनमें अधिकार का प्रयोग क के पड़ोसियों द्वारा रोक गया था, सुसंगत तथ्य हैं ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।