भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 2/49 / 185
47हस्तलेख के बारे में राय कब सुसंगत है
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
जबकि न्यायालय को राय बनानी हो कि कोई दस्तावेज किस व्यक्ति ने लिखी या हस्ताक्षरित की थी, तब उस व्यक्ति के हस्तलेख से, जिसके द्वारा वह लिखी या हस्ताक्षरित की गई अनुमानित की जाती है, परिचित किसी व्यक्ति की यह राय कि वह उस व्यक्ति द्वारा लिखी या हस्ताक्षरित की गई थी अथवा लिखी या हस्ताक्षरित नहीं की गई थी सुसंगत तथ्य है ।
स्पष्टीकरण—कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के हस्तलेख से परिचित तब कहा जाता है, जब कि उसने उस व्यक्ति को लिखते देखा है या जब कि स्वयं अपने द्वारा या अपने प्राधिकार के अधीन लिखित और उस व्यक्ति को संबोधित दस्तावेज के उत्तर में उस व्यक्ति द्वारा लिखी हुई तात्पर्यित होने वाली दस्तावेजें प्राप्त की हैं, या जबकि कारबार के मामूली अनुक्रम में उस व्यक्ति द्वारा लिखी हुई तात्पर्यित होने वाली दस्तावेजें उसके समक्ष बराबर रखी जाती रही हैं ।
दृष्टांत
प्रश्न यह है कि क्या अमुक पत्र लन्दन के एक व्यापारी क के हस्तलेख में है ।
ख कलकत्ते में एक व्यापारी है जिसने क को पत्र संबोधित किए हैं तथा उसके द्वारा लिखे हुए तात्पर्यित होने वाले पत्र प्राप्त किए हैं । ग, ख का लिपिक है, जिसका कर्तव्य ख के पत्र-व्यवहार को देखना और फाइल करना था । ख का दलाल घ है जिसके समक्ष क द्वारा लिखे गए तात्पर्यित होने वाले पत्रों को उनके बारे में उससे सलाह करने के लिए ख बराबर रखा करता था । ख, ग और घ की इस प्रश्न पर रायें कि क्या वह पत्र क के हस्तलेख में है सुसंगत हैं, यद्यपि न तो ख ने, न ग ने, न घ ने क को लिखते हुए कभी देखा था ।
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