नई–पुरानी धाराmanzill.com
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 2/15 / 185

15कार्य आकस्मिक या साशय था इस प्रश्न पर प्रकाश डालने वाले तथ्य

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 9

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

बीएसए से मिलान जल्द

1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।

जब कि प्रश्न यह है कि कार्य आकस्मिक या साशय था [या किसी विशिष्ट ज्ञान या आशय से किया गया था], तब यह तथ्य कि ऐसा कार्य समरूप घटनाओं की आवली का भाग था जिनमें से हर एक घटना के साथ वह कार्य करने वाला व्यक्ति सम्पृक्त था, सुसंगत है ।

दृष्टांत

(क) क पर यह अभियोग है कि अपने गृह के बीमे का धन अभिप्राप्त करने के लिए उसने उसे जला दिया ।

ये तथ्य कि क कई गृहों में एक के पश्चात् दूसरे में रहा जिनमें से हर एक का उसने बीमा कराया, जिनमें से हर एक में आग लगी और जिन अग्निकांडों में से हर एक के उपरान्त क को किसी भिन्न बीमा कार्यालय से बीमा धन मिला, इस नाते सुसंगत हैं कि उनसे यह दर्शित होता है कि वे अग्निकांड आकस्मिक नहीं थे ।

(ख) ख के ऋणियों से धन प्राप्त करने के लिए क नियोजित है । क का यह कर्तव्य है कि बही में अपने द्वारा प्राप्त राशियां दर्शित करने वाली प्रविष्टियां करे । वह एक प्रविष्टि करता है जिससे यह दर्शित होता है कि किसी विशिष्ट अवसर पर उसे वास्तव में प्राप्त राशि से कम राशि प्राप्त हुई ।

प्रश्न यह है कि क्या यह मिथ्या प्रविष्टि आकस्मिक थी या साशय ।

ये तथ्य कि उसी बही में क द्वारा की हुई अन्य प्रविष्टियां मिथ्या हैं और कि हर एक अवस्था में मिथ्या प्रविष्टि क के पक्ष में है सुसंगत है ।

(ग) ख को कपटपूर्वक कूटकृत रुपया परिदान करने का क अभियुक्त है ।

प्रश्न यह है कि क्या रुपए का परिदान आकस्मिक था ।

ये तथ्य कि ख को परिदान के तुरन्त पहले या पीछे क ने ग, घ और ड को कूटकृत रुपए परिदान किए थे इस नाते सुसंगत हैं कि उनसे यह दर्शित होता है कि ख को किया गया परिदान आकस्मिक नहीं था ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. 1891 के अधिनियम सं० 3 की धारा 2 द्वारा अन्तःस्थापित ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।