भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 2/46 / 185
45विशेषज्ञों की राये
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
जब कि न्यायालय की विदेशी विधि की या विज्ञान की या कला की किसी बात पर या हस्तलेख [या अंगुली चिह्नों] की अनन्यता के बारे में राय बनानी हो तब उस बात पर ऐसी विदेशी विधि, विज्ञान या कला में [या हस्तलेख] [या अंगुली चिह्नों] की अनन्यता विषयक प्रस्नों में, विशेष कुशल व्यक्तियों की रायें सुसंगत तथ्य हैं ।
ऐसे व्यक्ति विशेषज्ञ कहलाते हैं ।
दृष्टांत
(क) प्रश्न यह है कि क्या क की मृत्यु विष द्वारा कारित हुई ।
जिस विष के बारे में अनुमान है कि उससे क की मृत्यु हुई है, उस विष से पैदा हुए लक्षणों के बारे में विशेषज्ञों की रायें सुसंगत हैं ।
(ख) प्रश्न यह है कि क्या क अमुक कार्य करने के समय चित्तविकृति के कारण उस कार्य की प्रकृति, या यह कि जो कुछ वह कर रहा है वह दोषपूर्ण या विधि के प्रतिकूल है, जानने में असमर्थ था ।
इस प्रश्न पर विशेषज्ञों की रायें सुसंगत हैं कि क्या क द्वारा प्रदर्शित लक्षणों से चित्तविकृति सामान्यतः दर्शित होती है तथा क्या ऐसी चित्तविकृति लोगों को उन कार्यों की प्रकृति, जिन्हें वे करते हैं, या वह कि जो कुछ वे कर रहे हैं वह या तो दोषपूर्ण या विधि के प्रतिकूल हैं, जानने में प्रायः असमर्थ बना देती है ।
(ग) प्रश्न यह है कि क्या अमुक दस्तावेज क द्वारा लिखी गई थी । एक अन्य दस्तावेज पेश की जाती है जिसका क द्वारा लिखा जाना साबित या स्वीकृत है ।
इस प्रश्न पर विशेषज्ञों की रायें सुसंगत हैं कि क्या दोनों दस्तावेजें एक ही व्यक्ति द्वारा या विभिन्न व्यक्तियों द्वारा लिखी गई थीं ।
संशोधन टिप्पणियां
- 1899 के अधिनियम सं० 5 की धारा 3 द्वारा अन्तःस्थापित । परिषद् में विचार-विमर्श के लिए कि क्या “अंगूली चिह्नों” में “अंगूठा चिह्न” सम्मिलित हैं, देखिए भारत का राजपत्र (अंग्रेजी), 1898, भाग 6, पृष्ठ 24 ।
- 1872 के अधिनियम सं० 18 की धारा 4 द्वारा अन्तःस्थापित
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।