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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 2/36 / 185

35कर्तव्य पालन में की गई लोक अभिलेख [इलैक्ट्रानिक अभिलेख] की प्रविष्टियों की सुसंगति

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यह धारा बदल दी गई है

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

बीएसए से मिलान जल्द

1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।

किसी लोक या अन्य राजकीय पुस्तक, रजिस्टर या [अभिलेख या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] में की गई प्रविष्टि, जो किसी विवाद्यक या सुसंगत तथ्य का कथन करती है और किसी लोक सेवक द्वारा अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में या उस देश की, जिसमें ऐसी पुस्तक, रजिस्टर या [अभिलेख या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] रखा जाता है, विधि द्वारा विशेष रूप से व्यादिष्ट कर्तव्य के पालन में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा की गई है, स्वयं सुसंगत तथ्य है ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. 2000 के अधिनियम सं० 21 की धारा 92 और दूसरी अनुसूची द्वारा (17-10-2000 से) प्रतिस्थापित ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।