भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 2/51 / 185
48अधिकार या रूढ़ि के अस्तित्व के बारे में रायें कब सुसंगत हैं
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
जबकि न्यायालय को किसी साधारण रूढ़ि या अधिकार के अस्तित्व के बारे में राय बनानी हो, तब ऐसी रूढ़ि या अधिकार के अस्तित्व के बारे में उन व्यक्तियों की रायें सुसंगत हैं, जो यदि उसका अस्तित्व होता तो संभाव्यतः उसे जानते होते ।
स्पष्टीकरण—“साधारण रूढ़ि या अधिकार” के अन्तर्गत ऐसी रूढ़ियां या अधिकार आते हैं जो व्यक्तियों के किसी काफी बड़े वर्ग के लिए सामान्य हैं ।
दृष्टांत
किसी विशिष्ट ग्राम के निवासियों का अमुक कूप के पानी का उपयोग करने का अधिकार इस धारा के अर्थ के अन्तर्गत साधारण अधिकार है ।
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