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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 2/9 / 185

9सुसंगत तथ्यों के स्पष्टीकरण या पुरःस्थापन के लिए आवश्यक तथ्य

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 5–6

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

बीएसए से मिलान जल्द

1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।

वे तथ्य, जो विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य के

स्पष्टीकरण या पुरःस्थापन के लिए आवश्यक है अथवा जो किसी विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य द्वारा इंगित अनुमान का समर्थन या खण्डन करते हैं, अथवा जो किसी व्यक्ति या वस्तु का, जिसकी अनन्यता सुसंगत हो, अनन्यता स्थापित करते हैं, अथवा वह समय या स्थान स्थित करते हैं जब या जहां कोई विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य घटित हुआ अथवा जो उन पक्षकारों का सम्बन्ध दर्शित करते हैं जिनके द्वारा ऐसे किसी तथ्य का संव्यवहार किया गया था, वहां तक सुसंगत हैं जहां तक वे उस प्रयोजन के लिए आवश्यक हों ।

दृष्टांत

(क) प्रश्न यह है कि क्या कोई विशिष्ट दस्तावेज क की विल है ।

अभिकथित विल की तारीख पर क की सम्पत्ति की, या उसके कुटुम्ब की अवस्था सुसंगत तथ्य हो सकती है ।

(ख) क पर निकृष्ट आचरण का लांछन लगाने वाले अपमान-लेख के लिए ख पर क वाद लाता है । ख प्रतिज्ञान करता है कि वह बात, जिसका अपमान-लेख होना अभिकथित है, सच है ।

पक्षकारों की उस समय की स्थिति और सम्बन्ध, जब अपमान-लेख प्रकाशित हुआ था, विवाद्यक तथ्यों की पुरःस्थापना के रूप में सुसंगत तथ्य हो सकते हैं ।

क और ख के बीच किसी ऐसी बात के विषय में विवाद की विशिष्टियां, जो अभिकथित अपमान-लेख से असंसक्त हैं, विसंगत है, यद्यपि यह तथ्य कि कोई विवाद हुआ था, यदि उससे क और ख के पारस्परिक सम्बन्धों पर प्रभाव पड़ा हो, सुसंगत हो सकता है ।

(ग) क एक अपराध का अभियुक्त है ।

यह तथ्य कि, उस अपराध के किए जाने के तुरन्त पश्चात् क अपने घर से फरार हो गया, धारा 8 के अधीन विवाद्यक तथ्यों के पश्चात्वर्ती और उनसे प्रभावित आचरण के रूप में सुसंगत है ।

यह तथ्य कि उस समय, जब वह घर से चला था, उसका उस स्थान में, जहां वह गया था, अचानक और अर्जेंट कार्य था, उसके अचानक घर से चले जाने के तथ्य के स्पष्टीकरण की प्रवृत्ति रखने के कारण सुसंगत है ।

जिस काम के लिए वह चला उसका ब्यौरा सुसंगत नहीं है सिवाय इसके कि जहां तक वह यह दर्शित करने के लिए आवश्यक हो कि वह काम अचानक और अर्जेंट था ।

(घ) क के साथ की गई सेवा की संविदा को भंग करने के लिए ग को उत्प्रेरित करने के कारण ख पर क वाद लाता है । क की नौकरी छोड़ते समय क से ग कहता है कि “मैं तुम्हें छोड़ रहा हूं क्योंकि ख ने मुझे तुमसे अधिक अच्छी प्रस्थापना की है ।” यह कथन ग के आचरण को, जो विवाद्यक तथ्य होने के रूप में सुसंगत है, स्पष्ट करने वाला होने के कारण सुसंगत है ।

(ङ) चोरी का अभियुक्त क चुराई हुई सम्पत्ति ख को देते हुए देखा जाता है, जो उसे क की पत्नी को देते हुए देखा जाता है । ख उसे परिदान करते हुए कहता है कि “क ने कहा है कि तुम इसे छिपा दो” । ख का कथन उस संव्यवहार का भाग होने वाले तथ्य को स्पष्ट करने वाला होने के कारण सुसंगत है ।

(च) क बल्वे के लिए विचारित किया जा रहा है और उसका भीड़ के आगे-आगे चलना साबित हो चुका है । इस संव्यवहार की प्रकृति को स्पष्ट करने वाली होने के कारण भीड़ की आवाजें सुसंगत हैं ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।