भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 2/40 / 185
39जबकि, कथन किसी बातचीत, दस्तावेज, इलैक्ट्रानिक अभिलेख, पुस्तक अथवा पत्रों या कागज-पत्रों की आवली का भाग हो तब क्या साक्ष्य दिया जाए
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
जबकि कोई कथन, जिसका साक्ष्य दिया जाता है, किसी बृहत्तर कथन का या किसी बातचीत का भाग है या किसी एकल दस्तावेज का भाग है या किसी ऐसी दस्तावेज में अन्तर्विष्ट है जो किसी पुस्तक का अथवा पत्रों या कागज-पत्रों की संसक्त आवली का भाग है या इलैक्ट्रानिक अभिलेख के भाग में अंतर्विष्ट है तब उस कथन, बातचीत, दस्तावेज, इलैक्ट्रानिक अभिलेख, पुस्तक अथवा पत्रों या कागज-पत्रों की आवली के उतने का ही, न कि उतने से अधिक का साक्ष्य दिया जाएगा जितना न्यायालय उस कथन की प्रकृति और प्रभाव को तथा उन परिस्थितियों को, जिनके अधीन वह किया गया था, पूर्णतः समझने के लिए उस विशिष्ट मामले में आवश्यक विचार करता है ।]
संशोधन टिप्पणियां
- 2000 के अधिनियम सं० 21 की धारा 92 और दूसरी अनुसूची द्वारा (17-10-2000 से) प्रतिस्थापित ।
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