भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 2/58 / 185
54उत्तर में होने के सिवाय पूर्वतन बुरा शील सुसंगत नहीं है
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
दाण्डिक कार्यवाहियों में यह तथ्य कि अभियुक्त व्यक्ति बुरे शील का है, विसंगत है, जब तक कि इस बात का साक्ष्य न दिया गया हो कि वह अच्छे शील का है, जिसके दिए जाने की दशा में वह सुसंगत हो जाता है ।
स्पष्टीकरण 1—यह धारा उन मामलों को लागू नहीं है जिनमें किसी व्यक्ति का बुरा शील स्वयं विवाद्यक तथ्य है ।
स्पष्टीकरण 2—पूर्व दोषसिद्ध बुरे शील के साक्ष्य के रूप में सुसंगत है ।]
संशोधन टिप्पणियां
- 1891 के अधिनियम सं० 3 की धारा 6 द्वारा मूल धारा के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
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