भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 5/71 / 185
65खइलैक्ट्रानिक अभिलेखों की ग्राह्यता
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
(1) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख में अंतर्विष्ट किसी सूचना को भी, जो कंप्यूटर द्वारा उत्पादित और किसी कागज पर मुद्रित, प्रकाशीय या चुंबकीय मीडिया में भंडारित, अभिलिखित या नकल की गई हो (जिसे इसमें इसके पश्चात् कंप्यूटर निर्गम कहा गया है), तब एक दस्तावेज समझा जाएगा, यदि प्रश्नगत सूचना और कंप्यूटर के संबंध में, इस धारा में उल्लिखित शर्तें पूरी कर दी जाती हैं और वह मूल की किसी अंतर्वस्तु या उसमें कथित किसी तथ्य के साक्ष्य के रूप में, जिसका प्रत्यक्ष साक्ष्य ग्राह्य होता, अतिरिक्त सबूत या मूल को पेश किए बिना ही किन्हीं कार्यवाहियों में ग्राह्य होगा ।
(2) कंप्यूटर निर्गम की बाबत उपधारा (1) में वर्णित शर्तें निम्नलिखित होंगी, अर्थात् :—
(क) सूचना से युक्त कंप्यूटर निर्गम, कंप्यूटर द्वारा उस अवधि के दौरान उत्पादित किया गया था जिसमें उस व्यक्ति द्वारा, जिसका कंप्यूटर के उपयोग पर विधिपूर्ण नियंत्रण था, उस अवधि में नियमित रूप से किए गए किसी क्रियाकलाप के प्रयोजन के लिए, सूचना भंडारित करने या प्रसंस्करण करने के लिए नियमित रूप से कंप्यूटर का उपयोग किया गया था;
(ख) उक्त अवधि के दौरान, इलैक्ट्रानिक अभिलेख में अन्तर्विष्ट किस्म की सूचना या उस किस्म की जिससे इस प्रकार अन्तर्विष्ट सूचना व्युत्पन्न की जाती है, उक्त क्रियाकलापों के सामान्य अनुक्रम में कंप्यूटर में नियमित रूप से भरी गई थी;
(ग) उक्त अवधि के महत्वपूर्ण भाग में आद्योपांत, कंप्यूटर समुचित रूप से कार्य कर रहा था अथवा, यदि नहीं तो, उस अवधि के उस भाग की बाबत, जिसमें कंप्यूटर समुचित रूप से कार्य नहीं कर रहा था या वह उस अवधि में प्रचालन में नहीं था, ऐसी अवधि नहीं थी जिससे इलैक्ट्रानिक अभिलेख या उसकी अंतर्वस्तु की शुद्धता प्रभावित होती हो; और
(घ) इलैक्ट्रानिक अभिलेख में अन्तर्विष्ट सूचना ऐसी सूचना से पुनः उत्पादित या व्युत्पन्न की जाती है, जिसे उक्त क्रियाकलापों के सामान्य अनुक्रम में कंप्यूटर में भरा गया था ।
(3) जहां किसी अवधि में, उपधारा (2) के खंड (क) में यथा उल्लिखित, उस अवधि के दौरान नियमित रूप से किए गए किन्हीं क्रियाकलापों के प्रयोजनों के लिए सूचना के भंडारण या प्रसंस्करण का कार्य कंप्यूटरों द्वारा नियमित रूप से निष्पादित किया गया था, चाहे यह—
(क) उस अवधि में कंप्यूटरों के प्रचालन के संयोजन द्वारा; या
(ख) उस अवधि में उत्तरोत्तर प्रचालित विभिन कंप्यूटरों द्वारा; या
(ग) उस अवधि में उत्तरोत्तर प्रचालित कंप्यूटरों के विभिन्न संयोजनों द्वारा; या
(घ) उस अवधि में उत्तरोत्तर प्रचालन को अंतर्वलित करते हुए किसी अन्य रीति में हो, चाहे वह एक या अधिक कंप्यूटरों और एक या अधिक कंप्यूटरों के संयोजनों द्वारा किसी भी क्रम में हो,
उस अवधि के दौरान उस प्रयोजन के लिए उपयोग किए गए सभी कंप्यूटर इस धारा के प्रयोजनों के लिए एकल कंप्यूटर के रूप में माने जाएंगे और इस धारा में कंप्यूटर के प्रति निर्देश का तद्नुसार अर्थ लगाया जाएगा ।
(4) किन्हीं कार्यवाहियों में, जहां इस धारा के आधार पर साक्ष्य में विवरण दिया जाना वांछित है, निम्नलिखित बातों में से किसी बात को पूरा करते हुए प्रमाणपत्र, अर्थात् :—
(क) विवरण से युक्त इलैक्ट्रानिक अभिलेख की पहचान करना और उस रीति का वर्णन करना जिससे इसका उत्पादन किया गया था;
(ख) उस इलैक्ट्रानिक अभिलेख के उत्पादन में अन्तर्वलित किसी युक्ति को ऐसी विशिष्टियां देना, जो यह दर्शित करने के प्रयोजन के लिए समुचित हों कि इलैक्ट्रानिक अभिलेख का कंप्यूटर द्वारा उत्पादन किया गया था;
(ग) ऐसे विषयों में से किसी पर कार्रवाई करना, जिससे उपधारा (2) में उल्लिखित शर्तें संबंधित हैं, और किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के लिए तात्पर्यित होना, जो सुसंगत युक्ति के प्रचालन या सुसंगत क्रियाकलाप के प्रबंध के (जो भी समुचित हों) संबंध में उत्तरदायी पदीय हैसियत में हो, प्रमाणपत्र में कथित किसी विषय का साक्ष्य होगा; और इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए किसी ऐसे विषय के लिए यह कथन पर्याप्त होगा कि यह कथन करने वाले व्यक्ति के सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के आधार पर कहा गया है ।
(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—
(क) सूचना किसी कंप्यूटर को प्रदाय की गई समझी जाएगी यदि यह किसी समुचित रूप में प्रदाय की गई है, चाहे इस प्रकार किया गया प्रदाय सीधे (मानव मध्यक्षेप सहित या रहित) या किसी समुचित उपस्कर के माध्यम द्वारा किया गया हो;
(ख) चाहे किसी पदधारी द्वारा किए गए क्रियाकलापों के अनुक्रम में सूचना इसके भंडारित या प्रसंस्कृत किए जाने की दृष्टि से उक्त क्रियाकलापों के अनुक्रम से अन्यथा प्रचालित कंप्यूटर द्वारा उक्त क्रियाकलापों के प्रयोजनों के लिए प्रदाय की जाती है, वह सूचना, यदि सम्यक् रूप से उस कंप्यूटर को प्रदाय की जाती है तो, उन क्रियाकलापों के अनुक्रम में प्रदाय की गई समझी जाएगी;
(ग) कंप्यूटर उत्पाद को कंप्यूटर द्वारा उत्पादित समझा जाएगा, चाहे यह इसके द्वारा सीधे उत्पादित हो (मानव मध्यक्षेप सहित या रहित) या किसी समुचित उपस्कर के माध्यम से हो ।
स्पष्टीकरण—इस धारा के प्रयोजनों के लिए, अन्य सूचना से व्युत्पन्न की गई सूचना के प्रति कोई निर्देश, परिकलन, तुलना या किसी अन्य प्रक्रिया द्वारा उससे व्युत्पन्न के प्रतिनिर्देश होगा ।]
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