नई–पुरानी धाराmanzill.com
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 5/91 / 185

82मुद्रा या हस्ताक्षर के सबूत के बिना इंग्लैंड में ग्राह्य दस्तावेज के बारे में उपधारणा

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 28

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

बीएसए से मिलान जल्द

1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।

जबकि किसी न्यायालय के समक्ष कोई ऐसी दस्तावेज पेश की जाती है जिसका ऐसी दस्तावेज होना तात्पर्यित है जो इंग्लैंड या आयरलैंड के किसी न्यायालय में किसी विशिष्टि को साबित करने के लिए उस दस्तावेज को अधिप्रमाणीकृत करने वाली मुद्रा या स्टाम्प या हस्ताक्षर को या उस व्यक्ति द्वारा, जिसके द्वारा उसका हस्ताक्षरित किया जाना तात्पर्यित है, दावाकृत न्यायिक या पदीय हैसियत को साबित किए बिना इंग्लैंड या आयरलैंड में तत्समय प्रवृत्त विधि के अनुसार ग्राह्य होती, तब न्यायालय यह उपधारित करेगा कि ऐसी मुद्रा, स्टाम्प या हस्ताक्षर असली है और उसको हस्ताक्षरित करने वाला व्यक्ति वह न्यायिक या पदीय हैसियत, जिसका वह दावा करता है, उस समय रखता था जब उसने उसे हस्ताक्षरित किया था, तथा दस्तावेज उसी प्रयोज के लिए जिसके लिए वह इंग्लैंड या आयरलैंड में ग्राह्य होती, ग्राह्य होगी ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।