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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 5/89 / 185

81राजपत्रों, समाचारपत्रों, पार्लमेंट के प्राइवेट ऐक्टों और अन्य दस्तावेजों के बारे में उपधारणाएं

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यह धारा बदल दी गई है

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

बीएसए से मिलान जल्द

1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।

न्यायालय हर ऐसी दस्तावेज का असली होना उपधारित करेगा जिसका लन्दन गजट, या [कोई शासकीय राजपत्र] या ब्रिटिश क्राउन के किसी उपनिवेश, आश्रित देश या कब्जाधीन क्षेत्र का [सरकारी राजपत्र] होना या कोई समाचारपत्र या जर्नल होना, या [यूनाइटेड किंगडम की] पार्लमेन्ट के प्राइवेट ऐक्ट की क्वीन्स प्रिन्टर द्वारा मुद्रित प्रति होना, तात्पर्यित है तथा हर ऐसी दस्तावेज का, जिसका ऐसी दस्तावेज होना तात्पर्यित है जिसका किसी व्यक्ति द्वारा रखा जाना किसी विधि द्वारा निर्दिष्ट है, यदि ऐसी दस्तावेज सारतः उस प्ररूप में रखी गई हो, जो विधि द्वारा अपेक्षित है, और उचित अभिरक्षा में से पेश की गई हो, असली होना उपधारित करेगा ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. भारत शासन (भारतीय विधि अनुकूलन) आदेश, 1937 द्वारा “भारत के सपरिषद् गवर्जन जनरल के लोक अधिनियम” स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  2. भारत शासन (भारतीय विधि अनुकूलन) आदेश, 1937 द्वारा “भारत के राजपत्र या किसी स्थानीय सरकार के सरकारी राजपत्र या” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  3. विधि अनुकूलन आदेश, 1950 द्वारा अन्तःस्थापित ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।