भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 5/104 / 185
90कपांच वर्ष पुराने इलैक्ट्रानिक अभिलेखों के बारे में उपधारणा
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
जहां कोई इलैक्ट्रानिक अभिलेख, जिसका पांच वर्ष पुराना होना तात्पर्यित है या साबित किया गया है, ऐसी किसी अभिरक्षा से जिसे न्यायालय उस विशिष्ट मामले में उचित समझता है, पेश किया गया है, वहां न्यायालय, यह उपधारित कर सकेगा कि ऐसा [इलैक्ट्रानिक चिह्नक], जिसका किसी विशिष्ट व्यक्ति का [इलैक्ट्रानिक चिह्नक] होना तात्पर्यित है, उसके द्वारा या उसकी ओर से इस निमित्त प्राधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा लगाया गया था ।
स्पष्टीकरण—इलैक्ट्रानिक अभिलेख का उचित अभिरक्षा में होना कहा जाता है, यदि वे ऐसे स्थान में और उस व्यक्ति की देखरेख में हैं, जहां और जिसके पास वे प्रकृत्या होने चाहिएं; किंतु कोई भी अभिरक्षा अनुचित नहीं है, यदि यह साबित कर दिया जाए कि उस अभिरक्षा का उद्गम विधिसम्मत था या उस विशिष्ट मामले की परिस्थितियां ऐसी हों जिनसे ऐसा उद्गम अधिसंभाव्य हो जाता है ।
यह स्पष्टीकरण धारा 81क को भी लागू है ।]
संशोधन टिप्पणियां
- 2000 के अधिनियम सं० 21 की धारा 92 और दूसरी अनुसूची द्वारा (17-10-2000 से) अंतःस्थापित ।
- 2009 के अधिनियम सं० 10 की धारा 52 द्वारा प्रतिस्थापित ।
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