भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 5/101 / 185
88कइलैक्ट्रानिक संदेशों के बारे में उपधारणा
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
बीएसए से मिलान जल्द1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।
न्यायालय, यह उपधारित कर सकेगा कि प्रवर्तक द्वारा ऐसे प्रेषिती को किसी इलैक्ट्रानिक डाक परिसेवक के माध्यम से अग्रेषित कोई इलैक्ट्रानिक संदेश, जिसे ऐसे संदेश का संबोधित किया जाना तात्पर्यित है, उस संदेश के समरूप है, जो पारेषण के लिए उसके कंप्यूटर में भरा गया था; किंतु न्यायालय, उस व्यक्ति के बारे में, जिसके द्वारा ऐसा संदेश भेजा गया था, कोई उपधारणा नहीं करेगा ।
स्पष्टीकरण—इस धारा के प्रयोजनों के लिए, “प्रेषिती” और “प्रवर्तक” पदों के वही अर्थ होंगे, जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (ख) और खंड (यक) में हैं ।]
संशोधन टिप्पणियां
- 2000 के अधिनियम सं० 21 की धारा 92 और दूसरी अनुसूची द्वारा (17-10-2000 से) अन्तःस्थापित ।
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