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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872/अध्याय 5/96 / 185

85खइलैक्ट्रानिक अभिलेखों और [इलैक्ट्रानिक चिह्नक] के बारे में उपधारणा

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यह धारा बदल दी गई है

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

बीएसए से मिलान जल्द

1 जुलाई 2024 से ठीक पहले लंबित आवेदन, विचारण, जांच, अन्वेषण, कार्यवाही या अपील इसी पुराने अधिनियम के अनुसार निपटाए जाते हैं (बीएसए धारा 170)।

(1) किन्हीं ऐसी कार्यवाहियों में, जिनमें सुरक्षित इलैक्ट्रानिक अभिलेख अंतर्वलित है, जब तक कि इसके प्रतिकूल साबित नहीं कर दिया जाता, न्यायालय यह उपधारित करेगा कि सुरक्षित इलैक्ट्रानिक अभिलेख किसी ऐसे विनिर्दिष्ट समय से, जिससे सुरक्षित प्रास्थिति संबंधित है, परिवर्तित नहीं किया गया है ।

(2) किन्हीं ऐसी कार्यवाहियों में, जिनमें सुरक्षित [इलैक्ट्रानिक चिह्नक] अन्तर्वलित है, जब तक कि इसके प्रतिकूल साबित नहीं कर दिया जाता, न्यायालय यह उपधारित करेगा कि :—

(क) उपयोगकर्ता द्वारा सुरक्षित [इलैक्ट्रानिक चिह्नक] इलैक्ट्रानिक अभिलेख को चिह्नित या अनुमोदित करने के आशय से लगाया गया है;

(ख) सुरक्षित इलैक्ट्रानिक अभिलेख या सुरक्षित [इलैक्ट्रानिक चिह्नक] की दशा में के सिवाय, इस धारा की कोई बात इलैक्ट्रानिक अभिलेख या [इलैक्ट्रानिक चिह्नक] की अधिप्रमाणिकता और समग्रता से संबंधित किसी उपधारणा का सृजन नहीं करेगी ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. 2009 के अधिनियम सं० 10 की धारा 52 द्वारा (27-10-2009 से) प्रतिस्थापित ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।