भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/द्वितीय अनुसूची/26 / 58
प्ररूप 26विवादग्रस्त भूमि आदि का कब्जा रखने के हकदार पक्षकार की घोषणा करने वाला मजिस्ट्रेट का आदेश
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 439स्रोत
पुराना प्ररूप
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
(धारा 164 देखिए)
सम्यक् रूप से अभिलिखित आधारों पर मुझे यह प्रतीत होने पर कि मेरी स्थानीय अधिकारिता के भीतर स्थित ……(विवाद-वस्तु संक्षेप में लिखिए) से संबद्ध विवाद, जिससे परिशांति भंग हो जाना संभाव्य है,…… (पक्षकारों के नाम और निवास या यदि विवाद ग्रामीणों के समूहों के बीच है तो केवल निवास का वर्णन कीजिए) के बीच है, सब उक्त पक्षकारों से अपेक्षा की गई थी कि वे उक्त……(विवाद-वस्तु) पर वास्तविक कब्जे के तथ्य के बारे में अपने दावों का लिखित कथन दें और तब उक्त पक्षकारों में से किसी के कब्जे के वैध अधिकार के दावे के गुणागुण के प्रति कोई निदेश किए बिना सम्यक् जांच करने पर मेरा समाधान हो जाने पर कि उक्त…… (नाम या वर्णन) का उस पर वास्तविक कब्जे का दावा सही है ; मैं यह विनिश्चय करता हूं और घोषित करता हूं कि उक्त……(विवाद-वस्तु) पर उसका (या उनका) कब्जा है और, जब तक कि विधि के सम्यक् अनुक्रम में वह (या वे) निकाल न दिया जाए (या दिए जाएं) तब तक वह (या वे) ऐसा कब्जा रखने का हकदार है (या के हकदार हैं) और इस बीच में उसके (या उनके) कब्जे में किसी प्रकार का विघ्न डालने का मैं सख्त निषेध करता हूं।
तारीख ……
(न्यायालय की मुद्रा)(हस्ताक्षर)
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