भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/द्वितीय अनुसूची/39 / 58
प्ररूप 39अवमान के ऐसे मामलों में सुपुर्दगी का वारंट जिसमें जुर्माना अधिरोपित किया गया है
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 454स्रोत
पुराना प्ररूप
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
(धारा 384 देखिए)
प्रेषिती—
……(स्थान) की कारागार का भारसाधक अधिकारी
आज मेरे समक्ष हुए न्यायालय में……(अपराधी का नाम और वर्णन) ने न्यायालय की उपस्थिति में (या दृष्टिगोचरता में) जानबूझकर अवमान किया है ;
और ऐसे अवमान के लिए उक्त……(अपराधी का नाम) को……रुपए का जुर्माना देने के लिए या उसमें चूक करने पर …… (मास या दिनों की संख्या लिखिए) अवधि के लिए सादा कारावास भुगतने के लिए न्यायालय द्वारा न्यायनिर्णीत किया गया है;
इसलिए आपको प्राधिकृत किया जाता है और आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप उक्त……(अपराधी का नाम) को अपनी अभिरक्षा में इस वारंट सहित लें और, उक्त कारागार में……(कारावास की अवधि) की उक्त अवधि के लिए, जब तक उक्त जुर्माना उससे पूर्व न दे दिया जाए, सुरक्षित रखें और उक्त जुर्माने के प्राप्त होने पर उसे तत्काल स्वतंत्र कर दें और इस वारंट के निष्पादन की रीति को पृष्ठांकन द्वारा प्रमाणित करते हुए इसे लौटा दें ।
तारीख ……
(न्यायालय की मुद्रा)(हस्ताक्षर)
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