दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/द्वितीय अनुसूची/38 / 57
प्ररूप 38अवमान के ऐसे मामलों में सुपुर्दगी का वारण्ट जिसमें जुर्माना अधिरोपित किया गया है
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 198स्रोत
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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
(धारा 345 देखिए)
प्रेषिती—
……(स्थान) की जेल का भारसाधक अधिकारी
आज मेरे समक्ष हुए न्यायालय में……(अपराधी का नाम और वर्णन) ने न्यायालय की उपस्थिति में (या दृष्टिगोचरता में) जानबूझकर अवमान किया है ;
और ऐसे अवमान के लिए उक्त……(अपराधी का नाम) को……रुपए का जुर्माना देने के लिए या उसमें चूक करने पर …… (मास या दिनों की संख्या लिखिए) अवधि के लिए सादा कारावास भुगतने के लिए न्यायालय द्वारा न्यायनिर्णीत किया गया है ;
इसलिए आपको प्राधिकृत किया जाता है और आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप उक्त……(अपराधी का नाम) को अपनी अभिरक्षा में इस वारण्ट सहित लें और, उक्त जेल में……(कारावास की अवधि) की उक्त अवधि के लिए, जब तक उक्त जुर्माना उससे पूर्व न दे दिया जाए, सुरक्षित रखें और उक्त जुर्माने के प्राप्त होने पर उसे तत्काल स्वतंत्र कर दें और इस वारण्ट के निष्पादन की रीति को पृष्ठांकन द्वारा प्रमाणित करते हुए इसे लौटा दें ।
ता० ……(हस्ताक्षर)
(न्यायालय की मुद्रा)
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