नई–पुरानी धाराmanzill.com
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/द्वितीय अनुसूची/52 / 57

प्ररूप 51जमानत पर छोड़े गए अभियुक्त व्यक्ति के प्रतिभू की सुपुर्दगी का वारण्ट

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 205स्रोत

यह प्ररूप बदल दिया गया है

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

(धारा 446 देखिए)

प्रेषिती—

……(स्थान) की सिविल जेल का अधीक्षक (या पालक) । ……(प्रतिभू का नाम और वर्णन) ने अपने को……की हाजिरी के लिए प्रतिभू के रूप में आबद्ध किया है कि (बंधपत्र की शर्त का उल्लेख कीजिए) और उक्त (नाम) की इसमें व्यतिक्रम किया है इसलिए उक्त बंधपत्र में वर्णित शास्ति सरकार को समपहृत हो गई है ; और उक्त (प्रतिभू का नाम), को सम्यक् सूचना दिए जाने पर भी उक्त राशि का संदाय करने में या ऐसा पर्याप्त कारण बताने में असफल रहा है कि उससे उक्त राशि वसूल क्यों न की जाए तथा वह राशि उसकी जंगम सम्पत्ति की कुर्की और उसे बेचकर वसूल नहीं की जा सकती है, और सिविल जेल में……(अवधि का उल्लेख कीजिए) के लिए उसके कारावास का आदेश किया गया है ;

इसलिए आप अर्थात् उक्त अधीक्षक (या पालक) को प्राधिकृत किया जाता है और आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप उक्त ……(नाम) को अपनी अभिरक्षा में इस वारण्ट के सहित लें और उसे उक्त जेल में उक्त (कारावास की अवधि) के लिए सुरक्षित रखें और वारण्ट के निष्पादन की रीति को पृष्ठांकन द्वारा प्रमाणित करते हुए इसे लौटा दें।

ता० ……

(हस्ताक्षर)

(न्यायालय की मुद्रा)

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।